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2025-05-25 06:10:41 UTC

राज on Nostr: स्मर्त्तव्य। ...

स्मर्त्तव्य। बन्धमोचनकर्त्तातुस्वस्मादन्योनकश्चन। प्रारब्धकर्मणांभोगादेवक्षयइति।