Join Nostr
2025-08-09 06:57:02 UTC

राज on Nostr: छान्दोग्यभाष्य ४॰४॰४ । ...

छान्दोग्यभाष्य ४॰४॰४ । विज्ञातकुलगोत्रः शिष्य उपनेतव्य॥ ब्रह्मसूत्रभाष्य १॰३॰३४ । जाति॰अमुक॰स्यानधिकारात्। अर्थात अधिकार जातिगत है॥ ब्रह्मसूत्रभाष्य १॰३॰३८ । इतिहासपुराणाधिगमे चातुर्वर्ण्यस्याधिकारस्मरणात्। अर्थात सब के लिए इतिहासपुराण का अधिकार है॥